एनजीओ रजिस्ट्रेशन, एनजीओ अनुदान, फंडिंग, एनजीओ प्रोजेक्ट – सलाहकार सेवा – NGO Consultancy
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NGO Consultancy - English
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  • सभी तरह की एनजीओ कंसल्टेंसी (एनजीओ सलहाकार सेवाएँ)
  • राष्ट्रीय स्तर का एनजीओ पंजीकरण
  • राज्य स्तरीय एनजीओ पंजीकरण
  • एनजीओ रजिस्ट्रेशन (एनजीओ पंजीकरण)
  • ट्रस्ट के रूप में एनजीओ रजिस्ट्रेशन
  • सोसायटी के रूप में एनजीओ रजिस्ट्रेशन
  • धारा 8 गैर लाभ कंपनी पंजीकरण के रूप में एनजीओ रजिस्ट्रेशन
  • ट्रस्ट डीड - उद्देश्य और नियम-उपनियम
  • सोसायटी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन और आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन
  • मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन/ आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन प्रलेखन - गैर-लाभकारी कंपनी
  • एनजीओ के लिए योजना और नीति दस्तावेज
  • एनजीओ के काम को चलाने और प्रबंधित करने के लिए सभी प्रकार के प्रस्ताव
  • संस्थान की साधारण सभा के प्रस्ताव
  • संस्थान की प्रबंधकारिणी/कार्यकारिणी के संचालन हेतु प्रस्ताव
  • बैंक खाते के लिए प्रस्ताव
  • बैंक खाता खोलने के लिए मार्गदर्शन
  • प्रशासनिक कार्यालय के लिए प्रस्ताव
  • संशोधन के साथ सप्प्लिमेंटरी (पूरक) ट्रस्ट डीड
  • ट्रस्ट का नाम और पता बदलना
  • ट्रस्ट के सदस्यों और उद्देश्यों में परिवर्तन
  • सोसाइटी में संशोधन
  • सोसायटी के पते में संशोधन
  • राष्ट्रीय स्तर के रूप में सोसायटी में संशोधन
  • सोसायटी के सदस्य परिवर्तन और बाई-लॉज़
  • वार्षिक प्रतिवेदन (रिपोर्ट) दिशानिर्देश
  • वार्षिक रिपोर्ट तैयार करना
  • एनजीओ प्रोफाइल
  • प्रोफ़ाइल प्रस्तुति डिजाइनिंग
  • एनजीओ के लिए ऑडिट रिपोर्ट
  • एनजीओ के लिए लेखा कार्य
  • लेखा और लेखा परीक्षा रिपोर्ट तैयार करना
  • एनजीओ ऑडिटिंग कंसल्टेंसी
  • बैलेंस शीट
  • पैन कार्ड तैयार करवाना
  • एनजीओ के लिए आयकर रिटर्न
  • कर सलाहकार के माध्यम से आयकर रिटर्न प्रस्तुत करना
  • आयकर में छूट हेतु पंजीकरण
  • 12 एए पंजीकरण प्रक्रिया कार्य
  • 80 जी पंजीकरण प्रलेखन
  • 80 जी पंजीकरण प्रस्तुत करना
  • विदेशी अंशदान विनियमन (एफसीआरए) में एनजीओ का पंजीकरण
  • विदेशी अनुदान हेतु एफसीआरए पंजीकरण प्रलेखन परामर्श
  • विदेशी अनुदान के लिए एफसीआरए पूर्व अनुमति प्रक्रिया
  • एफसीआरए के लिए रिटर्न
  • एनजीओ के लिए जीएसटी पंजीकरण
  • जीएसटी रिटर्न सबमिशन
  • एनजीओ के लिए एमएसएमई पंजीकरण
  • गैर सरकारी संगठन परियोजना प्रस्ताव परामर्श
  • परियोजना प्रस्ताव तैयार करना
  • सरकारी अनुदान परियोजनाओं (प्रोजेक्ट स्कीम) के लिए परियोजनाएं
  • एनजीओ प्रोजेक्ट फॉर फंडिंग
  • एनजीओ फंडिंग कंसल्टेंसी
  • एनजीओ प्रोजेक्ट प्रपोजल
  • कॉन्सेप्ट नोट तैयार करना
  • इम्प्लीमेंटेशन रिपोर्ट
  • नीति सम्बन्धी दस्तावेज़
  • परियोजना हेतु रिपोर्ट
  • परियोजना कार्यान्वयन मार्गदर्शन
  • परियोजना निगरानी मार्गदर्शन
  • प्रोजेक्ट मूल्यांकन रिपोर्ट
  • केस स्टडीज
  • प्रोजेक्ट के प्रभाव का आकलन (इम्पैक्ट अस्सेस्मेंट)
  • संस्थान की उपलब्धी रिपोर्ट
  • भविष्य के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुति
  • अनुसंधान रिपोर्ट
  • एनजीओ प्रोफाइल तैयार करना
  • एनजीओ मैनेजमेंट कंसल्टेंसी
  • फील्ड सर्वेक्षण
  • एनजीओ हेतु वेबसाइट
  • डोमेन पंजीकरण
  • ट्रेडमार्क पंजीकरण
  • एनजीओ के लिए ट्रेडमार्क
  • ट्रेडमार्क के लिए लोगो
  • कॉपीराइट पंजीकरण
  • ब्रोशर, लीफलेट, बुकलेट (पुस्तिका) बनाना और डिजाइनिंग
  • फंडिंग के लिए इवेंट आयोजित करने हेतु मार्गदर्शन
  • संस्थान सञ्चालन और प्रबंधन के लिए मार्गदर्शन
  • स्टेशनरी डिजाइनिंग - लेटर हेड, विजिटिंग कार्ड
  • रसीद बुक
  • इवेंट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी
  • एनजीओ की विश्वसनीयता बनाए रखने कार्ययोजना हेतु मार्गदर्शन
  • एनजीओ हेतु सभी प्रकार के दस्तावेजीकरण

NGO Registration

संस्था का रजिस्ट्रेशन
स्वयं सेवी संस्थान (एनजीओ) का रजिस्ट्रेशन एक प्रक्रिया है जिसके तहत संस्थाओं का रजिस्ट्रेशन होता है. संस्था के रजिस्ट्रेशन कि प्रक्रिया में कुछ दस्तावेजों की जरुरत होती है जिसमें संस्था का नाम, संस्था का पता, अपनी मान्य-अधिकृत पहचान के साथ सदस्यों की प्रमाणिक पहचान से जुड़े दस्तावेज आदि शामिल है. चाणक्य इस प्रक्रिया के लिए कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लेती है. चाणक्य कंसल्टेंसी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की पूरी जिम्मेदारी लेती है. यदि संस्था रजिस्ट्रेशन में आपको कोई मुश्किल आ रही हो तो हमसे परामर्श लें. संस्था रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा होने में एक हफ्ते से लेकर दो महिना लगते हैं.

एनजीओ (स्वयं सेवी संगठन) समाज सेवा करने वाले व्यक्तियों का ऐसा समूह, संगठन और संस्थान है जो बिना किसी फायदे/हित के या बिना किसी व्यापार उद्देश्य के सेवा भावना के उद्देश्य के साथ समाज के विकास व कल्याण के कार्य के प्रति समर्पित हो. एनजीओ (NGO) सरकारी संस्थाओं से पूरी तरह से अलग होते हैं, ये सरकारी नियंत्रण में प्रत्यक्ष रूप से नहीं होते है लेकिन इनके कार्य का तरीका सरकार की तरह ही मानवता के लिए विभिन्न संबंधित क्षेत्र में सरकार से सहयोग करने का ही होता है. इसलिए एनजीओ गैर सरकारी संगठन (Non Governmental Organization) के नाम से जाने जाते हैं. दुनियाभर में एनजीओ को एक ऐसे परोपकारी संगठन के तौर पर देखा जाता है जो सरकारी व गैर सरकारी एजेंसीज से अनुदान (फंड) लेकर उसका जन कल्याण हेतु विकास का कार्य करते है. इसलिए एनजीओ को एनपीओ (NPO)भी कहा जाता है. एनपीओ का अर्थ नॉन प्राफिट आर्गेनाइजेशन (Non Profit Organization) होता है. सामुदायिक संगठन, एसोसिएशन और नागरिक समूह जो समाज कल्याण नीतियों पर प्रभाव डालने वाली विकास और जागरूकता जैसे कार्यों से जुड़े हुए हैं या जुड़ कर कार्य करना चाहते हैं उन्हें एनजीओ रजिस्ट्रेशन की जरूरत पड़ती है. और एक रजिस्टर्ड एनजीओ किसी भी क्षेत्र में विभिन्न समाज कार्य के लिए मान्यता प्राप्त संगठन होता है.

एनजीओ रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
जब भी कोई संस्था बनाने की सोचता है तो संस्था रजिस्ट्रेशन के लिए उसे संस्था के एक नाम के बारे में सोचना होता है. सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने के लिए सामाजिक कार्यकर्त्ता और समाजसेवियों को गैर सरकारी संगठन या अलाभकारी संगठन या स्वैच्छिक संगठन या सामाजिक संगठन को रजिस्टर करवाना होता है. समाजसेवियों या सामाजिक कार्यकर्ताओं को अपने संगठन या संस्था को रजिस्टर करवाना इसलिए जरूरी होता है कि वे अपने सामाजिक कार्यों के लिए चलाए जाने वाली परियोजना (प्रोजेक्ट) व कार्यक्षेत्र के लिए सरकारी व गैर-सरकारी देशी-विदेशी अनुदानदाताओ (फंडिंग एजेंसीज) से वित्तीय अनुदान सहायता ले सके व जिस कार्यक्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं, कर सकते हैं.
विभिन्न देशों की तरह ही भारत में भी एनजीओ रजिस्टर करवाने के अलग-अलग तरीके व कानून कायदे हैं. एनजीओ रजिस्ट्रेशन अथवा स्वयं सेवी संस्थान का पंजीयन करवाने का बेसिक व प्रारंभिक चरण है किसी भी एनजीओ या एनपीओ या स्वैच्छिक संगठन को चलाने के लिए उसे कानूनी पहचान दिलाने के लिए उस संस्था संगठन का पंजियानकर्ता विभाग अथवा प्राधिकारी से रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी हो जाता है. यदि कोई भारत में अपनी संस्था रजिस्टर करवाना चाहता है तो हमारे देश में विभिन्न तरीके है संस्था रजिस्टर करवाने के. कुछ राज्यों जैसे मुंबई-गुजरात में संस्था रजिस्टर करवाने के लिए अलग प्रक्रिया है. इसी तरह संस्था को चेरिटेबल संस्था के रूप में रजिस्टर करवाने के भी अलग तरीके हैं. भारत के विभिन्न राज्यों में सबसे अधिक प्रचलित संस्था के रजिस्ट्रेशन की सामान्य प्रक्रिया – ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन, सोसायटी रजिस्ट्रेशन एवं नॉन प्रॉफिट कंपनी रजिस्ट्रेशन के तहत मान्य है.

संस्था का भारत सरकार, राज्य सरकार या कोई भी संवैधानिक संस्था के नाम पर या नाम जैसा नहीं होना चाहिए. हमारी टीम और हमारे विशेषज्ञ संस्था को सही नाम के चयन में मदद करते हैं जो नियम और कानून के अनुसार हो. हमारी टीम में विशेषज्ञ है जो संस्था रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया की सभी स्तर की जरूरी औपचारिकताओं से वाकिफ है. संस्था को बनाने के लिए संस्था के रजिस्ट्रेशन में लगने वाले वक्त में जितना समय लगता है जरूरी तैयारी होने पर उसी नियत वक्त में हम रजिस्ट्रेशन करवा देते हैं इससे संस्था निर्माताओं का मूल्यवान वक्त बर्बाद नहीं होता है.

एनजीओ रजिस्ट्रेशन के प्रकार
एनजीओ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अलग-अलग है लेकिन भारत में लगभग ज्यादातर राज्यों में संस्था रजिस्ट्रेशन के लिए एक जैसा ही कानून है. हमारे देश में कोई भी गैर सरकारी संगठन समाजसेवा के कार्यों, परोपकारी कार्यों व समाज विकास के उद्देश्य से देश में निहित भिन्न-भिन्न कानूनों के तहत अपनी संस्था को रजिस्टर करवा सकता है. जो इस तरह है:

  • ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन
  • सोसायटी रजिस्ट्रेशन
  • नॉन प्रॉफिट कंपनी रजिस्ट्रेशन

राष्ट्रीय स्तर पर संस्था रजिस्टर करवाने के लिए कानून व प्रक्रिया सोसाइटी रजिस्ट्रेशन व इंडियन ट्रस्ट एक्ट की एक जैसी ही है. एनजीओ को सोसाइटी, ट्रस्ट और नॉन प्रॉफिट कंपनीज में से किसी भी एक प्रक्रिया में रजिस्टर किया जा सकता है. ऐसी ट्रस्ट या सोसायटी एनजीओ के नाम से जानी जाती है. यह संस्था बनवाने वालों पर निर्भर करता है कि वो सोसायटी, ट्रस्ट और नॉन प्रॉफिट कंपनी में से किस विकल्प का चयन करता है. हां, लेकिन यह स्पष्ट है कि संस्था, सोसायटी, ट्रस्ट या नॉन प्रॉफिट कंपनी में से किसी भी प्रारूप में रजिस्टर हुई हो उसके स्टेटस, सरकारी सहायता, फंडिंग एजेंसीज से अनुदान या आर्थिक मदद व कार्य करने के तौर तरीकों में कोई भी फर्क नहीं होता है. सरकारी व गैर सरकारी फंडिंग एजेंसीज चेरिटेबल सोसायटी, ट्रस्ट व नॉन प्रॉफिट कंपनी को फंड देने के लिहाज से एक ही सामान मापदंड होता है, चाहे इनका पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) किसी भी प्रक्रिया या कानून के तहत हुवा हो. सभी तीनों प्रकार से पंजीकृत (रजिस्टर्ड) संगठन/समूह एनजीओ ही कहे जाते है और इसी रूप में परिभाषित किये जाते है.

NGO Registration

राष्ट्रीय स्तर और प्रदेश स्तर का एनजीओ रजिस्ट्रेशन

हमारे देश में संस्था रजिस्ट्रेशन के लिए रजिस्ट्रेशन दो प्रकार का है. एक प्रादेशिक स्तर पर दूसरा राष्ट्रीय स्तर पर. इसलिए संस्था रजिस्ट्रेशन से पहले यह जान लेना जरूरी है कि संबंधित राज्य में संस्था कौन कौन से कानून के तहत रजिस्टर होती है. विभिन्न राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों में नियम अलग है. संस्था को रजिस्टर करवाने की अनेक प्रक्रियाएं है लेकिन इसको संचालित करने व इसके प्रबंधन का तौर तरीका किसी भी प्रबंधन या प्रतिष्ठान को चलाने व उसके लिए आर्थिक संसाधन की व्यवस्था करने की तरह ही है.

ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन
एनजीओ इण्डियन ट्रस्ट एक्ट के तहत ट्रस्ट में रजिस्टर्ड हो सकती है. इण्डियन ट्रस्ट एक्ट के तहत एनजीओ के लिए ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन नेशनल स्तर व राज्य स्तर पर प्रभावी है. यह एक ही है, बस कुछ राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों में कुछ अलग है. यदि कोई भी संगठन जनसेवा उद्देश्य से ट्रस्ट में रजिस्टर होती है तो एनजीओ ही कहलाती है. ट्रस्ट भी सोसायटी की तरह ही विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी विभाग से फंड पाने की सभी पात्रता रखती है. एनजीओ को ट्रस्ट में रजिस्टर करवाना अन्य एनजीओ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रियाओं से सरल है. इसमें ज्यादा औपचारिकताएं व बाध्यताएं नहीं है. ट्रस्ट के तहत रजिस्टर्ड समाज सेवी संगठन (NGO) कार्यों में व अन्य परोपकारी कार्यों में सोसायटी की तरह ही है लेकिन राजस्थान जैसे कुछ राज्यों में लाभ प्राप्त करने वाली शैक्षणिक संस्थाएं जैसे स्कूल आदि को सरकार से मान्यताप्राप्त के लिए सोसायटीज एक्ट में रजिस्टर करवाना होता है. अन्य राज्यों में परोपकार व जनसेवा के अलावा शैक्षणिक संस्थान ट्रस्ट के अंतर्गत भी संचालित कर सकते हैं.
(ज्यादा जानकारी के लिए ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन)

Trust Registration

सोसायटी रजिस्ट्रेशन
सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत सोसायटी को एनजीओ में रजिस्टर करवा सकते हैं. विभिन्न राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेशों में सोसायटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में थोड़ा फर्क है. देश के कुछ विशेष राज्यों में एक एनजीओ की तरह सोसायटी के स्टेटस में कुछ फर्क हो सकता है. कुछ राज्यों में एनजीओ को सोसायटी रजिस्ट्रेशन करवाने पर वह राज्य स्तरीय एनजीओ ही होती है. संपूर्ण भारत में कार्य करने के लिए यदि सोसायटी को एनजीओ में रजिस्टर्ड करवाना हो तो सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत इसे नेशनल केपिटल दिल्ली से रजिस्टर करवाना होता है. राष्ट्रीय स्तर पर एनजीओ को सोसायटी के रूप में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए देश के भिन्न-भिन्न 8 राज्यों से सदस्यों को जोड़ना जरूरी है. महाराष्ट्र में बॉम्बे पब्लिक ट्रस्ट एक्ट-1950 के तहत गैर सरकारी संगठन रजिस्टर्ड करवाने के लिए 7 व्यक्तियों की जरूरत होती है.
(ज्यादा जानकारी के लिए सोसायटी रजिस्ट्रेशन)

Society Registration

रजिस्टर्ड एनजीओ के लिए अन्य आवश्यक रजिस्ट्रेशन
किसी सामाजिक संगठन या समूह को एनजीओ के स्टेट्स में रजिस्टर्ड करवाने के बाद भी कुछ अन्य सरकारी कार्यालयों से सरकारी विभागों से कुछ अन्य रजिस्ट्रेशन करवाने की आवश्यकता पड़ती है. आवश्यक होने पर रजिस्टर्ड एनजीओ को विभिन्न सरकारी विभागों से अलग अलग रजिस्ट्रेशन करवाने होते हैं. सरकारी या अन्य दूसरे विभागों व अन्य एजेंसीज से आवश्यक होने पर नियम कानूनों के मुताबिक एक तयशुदा प्रक्रिया के तहत रजिस्टर्ड एनजीओ को अन्य दूसरे रजिस्ट्रेशन भी करवाने होते हैं. संस्था को समाज सेवा के कार्यक्रम चलाने के लिए मिलने वाले अनुदान, वित्तीय सहायता में टैक्स छूट के लिए इनकम टैक्स विभाग से रजिस्ट्रेशन करवाना होता है. यदि एनजीओ किसी भी तरह की विशेष सेवाकार्य या उत्पाद बेचने-उत्पाद निर्माण जैसी गतिविधियों से जुड़ी है तो उसे उससे संबंधित विभाग से स्वीकृति-लाइसेंस हेतु रजिस्ट्रेशन करवाना होता है.
यदि कोई संस्था अनाथाश्रम, महिलाश्रम, वृद्धाश्रम जैसे सेवा कार्य से जुड़ना चाहते हैं तो उसे समाज कल्याण विभाग की स्वीकृति चाहिए होती है. यदि कोई संस्था आयुर्वेद औषध निर्माण से जुड़े तो उसे संबंधित विभाग से लाइसेंस लेना जरूरी है. इसी तरह अन्य और भी अनेक कार्य है जिसके लिए पृथक से कानून व मापदण्ड बने है उनकी अनुपालना जरूरी है.

  • संस्था को भारत में विदेशी फंडिंग के लिए फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगूलेशन एक्ट (FCRA) के तहत भारत सरकार के गृह मंत्रालय से रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होता है. इस तरह कार्य संचालन व आवश्यकतानुरूप संस्था को समय-समय पर विभिन्न नियमों व कानूनों के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है.
  • एनजीओ को एक बार रजिस्टर्ड एनजीओ होने के पश्चात भी भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों व सरकारी विभाग से अन्य तरह के रजिस्ट्रेशन करवाने आवश्यक होते हैं.
  • एनजीओ (NGO) के लिए आयकर (इंकम टैक्स) में छूट के लिए आयकर विभाग (इंकम टैक्स डिपार्टमेंट) से रजिस्ट्रेशन करवाने आवश्यक होते हैं.
  • भारत के इनकम टैक्स के 80 जी में छूट के लिए एनजीओ को रजिस्ट्रेशन करवाना होता है.
  • इनकम टैक्स एक्ट के 12 ए में छूट के लिए एनजीओ को रजिस्ट्रेशन करवाना होता है.
  • इनकम टैक्स एक्ट में धारा 35 एसी, 35 एसी 1,2 के तहत छूट में संस्था को रजिस्ट्रेशन करवाना होता है.
  • एफसीआरए FCRA (फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट) के तहत एनजीओ को रजिस्ट्रेशन करवाना होता है.
  • विदेशी फंडिंग सहायता के लिए एनजीओ को भारत सरकार के गृह मंत्रालय से परमानेंट रजिस्ट्रेशन एफसीआरए (FCRA) के तहत करवाना होता है.
  • विदेशी फंडिंग सहायता के लिए जरुरत होने पर अस्थाई प्रायर परमिशन लेनी हो तो वो भी एफसीआरए के तहत भारत सरकार के गृह मंत्रालय से लेनी होती है.

इनकम टैक्स में छूट के लिए 80 जी और 12 एए में रजिस्ट्रेशन

भारत में एनजीओ, कंपनी या किसी व्यक्ति विशेष के वित्तीय लेन देन का आयकर (इनकम टैक्स) रिटर्न भरना पड़ता है. यदि एनजीओ फंडिंग चाहती है या कुछ अन्य जरूरी रजिस्ट्रेशन करवाना चाहती है तो एनजीओ को इनकम टैक्स रिटर्नस भरने होते हैं. इनकम की वार्षिक ऑडिट की सभी मामलों में जरूरत पड़ती है.
यदि एनजीओ अपनी आय या जो रूपया उसके पास दान से या एनजीओ की आय से उसके खाते में आता है उस पर इनकम टैक्स छूट चाहती है तो उसे इनकम टैक्स एक्ट की धारा 12 ए के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना होता है. इसी तरह दानदाताओं को दी गई उनके द्वारा दानराशी में छूट के लिए इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80 जी के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना होता है. दानदाताओं को विशेष कर कॉरपोरेट सेक्टर से सीएसआर के तहत एनजीओ को फंड मिले इसके लिए इन दानदाताओं को टैक्स में छूट मिले इसके लिए एनजीओ को इनकम टैक्स एक्ट के तहत धारा 35 एसी में रजिस्ट्रेशन करवाना होता है.
(ज्यादा जानकारी के लिए इनकम टैक्स रजिस्ट्रेशन)

एफसीआरए (FCRA) रजिस्ट्रेशन

यदि स्वयंसेवी संस्थाएं/गैर सरकारी संगठन-विदेशों से फंडिंग एजेंसीज, परोपकारी समूह, कंपनीज या किसी विदेशी व्यक्ति से वित्तीय अनुदान सहयोग/चंदा लेना चाहती है तो एनजीओ को भारत सरकार के गृह मंत्रालय से फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगूलेशन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. विदेशी फंडिंग लेने के लिए संस्थाओं को FCRA के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है. विदेशी धन जमा कराने के लिए एनजीओ को बैंक अकाउण्ट भी अलग से ही खुलवाना होता है. FCRA का परमानेंट रजिस्ट्रेशन एनजीओ को तीन वर्ष के बाद ही मिल पाता है. एनजीओ का तीन वर्ष का लेन देन ऑडिट में यदि कम से कम 10 लाख का हो तो उसे परमानेंट FCRA सर्टिफिकेट मिल जाता है. तीन वर्ष से पहले विदेशी फंडिंग प्राप्त करने के लिए FCRA का अस्थायी पंजीयन अनुज्ञापत्र (टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) भी एनजीओ ले सकती है.
(ज्यादा जानकारी के लिए एफसीआरए रजिस्ट्रेशन)


चाहे कॉर्पोरेट क्लाइंट हो या संस्थाएं जिनका समाज के हित में समाज कल्याण से जुड़े कार्यसेवा करने का सपना हो वे किसी भी समय किसी भी विषय पर चाणक्य कंसल्टेंसी की सेवाएं ले सकते हैं. संस्था भारत में किसी भी जगह स्थित हो या कहीं पर भी संस्था रजिस्टर करवानी हो वे हमें संपर्क करें हमारी टीम संस्था रजिस्ट्रेशन में अवश्य ही उनकी मदद करेगी. बहुत सी बार क्लाइंट रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया से परिचित नहीं होता है तो वह अपने को बड़ी असमंजस की स्थिति में पाता है. चाणक्य आपके मूल्यवान समय को नष्ट होने से रोकने के लिए सभी स्पष्ट तौर पर अपने क्लाइंट को समझा देती है कि किस तरह से रजिस्ट्रेशन होगा क्या जरूरी दस्तावेज संलंग्न करने हैं जिससे क्लाइंट का समय बर्बाद न हो. चाणक्य कंसल्टेंसी रजिस्ट्रेशन के लिए सभी दस्तावेज तैयार करके संस्था रजिस्ट्रार के कार्यालय में पेश करवाती है.

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